कल्याणपुर गांव में शादी के दिन हुई मौत

Chitrakoot चित्रकूट। भरतकूप के रौली कल्याणपुर गांव में शादी समारोह वाले घर में चूल्हा नहीं जला। चारों तरफ सामान बिखरा पड़ा रहा। रिश्तेदारों ने घर से लाकर बच्चों को भोजन कराया। रविवार को दुल्हन की मां कुसुमा, बड़े भाई राजबहादुर, भाई विजय, भाभी गुड़िया व कुछ अन्य रिश्तेदार जारी गांव बांदा में अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इधर, घर में रिश्तेदार, महिलाएं और बच्चे ही थे, जो खुद को असहज महसूस करते रहे। रविवार को घर में चूल्हा नहीं जला ऐसे में इनके रिश्तेदार राजकुमार वर्मा व सिया प्यारी ने अपने घर से खाना लाकर बच्चों को खिलाया। कैलशिया देवी दो बहनों में छोटी थी। बड़ी बहन शिवदेवी का विवाह जारी गांव में नरेश के साथ ही हुआ था। नरेश की मौत के बाद लोगों का कहना था कि एक बहन की मांग पर सिंदूर लगा तो दूसरी बहन की मांग का सिंदूर उजड़ गया। इस परिवार में कई बार विपत्तियां आती रहीं। कैलशिया की मां कुसुमा का कहना है कि दामाद नरेश की मौत के बाद बड़ी बेटी शिवदेवी की चिंता हो रही है। मां कुसुमा का कहना है कि खेतीहर भूमि ज्यादा न होने से किसी तरह मजदूरी कर भरण पोषण होता है। उनके पास पक्का घर नहीं है। कच्चे घर में परिवार रहता है। किसी भी आवासीय सरकारी योजना का लाभ उन्हें नहीं मिला है। इसके लिए एक दो बार प्रयास भी किए गए। इसी गरीबी व मजबूरी के चलते वह बच्चों को ज्यादा पढ़ाई भी नहीं करा सकी। पहले भी इसी मोड़ पर हुई घटनाएं भरतकूप थाना क्षेत्र के रौली कल्याणपुर गांव के पास हाईवे मोड़ कई बार यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो चुका है। चार माह पूर्व बाइक से जा रहे गौहरवां बिलगांव निवासी युवक को बेकाबू ट्रक ने रौंद दिया था। दो साल पहले बेकाबू ट्रक की टक्कर से बाइक सवार रौली गांव निवासी लल्लू के पुत्र की मौत हुई थी। यह हुई थी घटना रौली गांव निवासी कैलशिया देवी (21) का विवाह 8 जुलाई शुक्रवार की रात को बांदा जारी निवासी कालका के साथ हुआ था। शनिवार की सुबह शादी की कुछ रस्में बाकी थीं, तभी हाईवे किनारे मौजूद दुल्हन के बहनोई नरेश समेत छह लोगों को बेकाबू लोडर ने कुचल दिया। बाद में शादी की रस्मअदायगी हुई।

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